पुस्तकों का प्रकाशन

यह प्रभाग समूचे देश में श्रेष्‍ठ प्रथाओं के बारे में प्रस्‍तुतीकरण आदि का आयोजन करता है। ये व्‍याख्‍यान/प्रस्‍तुतीकरण प्रशासकों के लिए बहुत अधिक उपयोगी होते हैं और सफलताओं की कथाओं का प्रसार-प्रसार करने से इसकी अन्‍यत्र पुनरावृति सुविधाजनक हो सकेगी। अत: इन व्‍याख्‍यानों/प्रस्‍तुतीकरण के संकलन को पुस्‍तकों के रूप में प्रकाशित करने से इसका अत्‍यधिक प्रचार-प्रसार हो सकेगा और परिणामत: इसकी पुनरावृति संभव हो सकेगी। इस विषय पर प्रभाग ने पहले ही पुस्‍तकों की एक श्रृंखला प्रकाशित की है। ये हैं- आइडिया दैट हैव वर्कड, लर्न फ्रोम देम, स्‍पलेंडर इन द ग्रास, रूफलेस टावर्स, मैनेजमेन्‍ट बाई लिस्‍निंग, बीवाईओबी- ब्रि‍गींग योर ओन बाइट्स, इन सर्च आफ लाइट और पीपुल फर्स्‍ट । आइडिया दैट हैव वर्कड और लर्न फ्रोम देम का हिन्‍दी रूपान्‍तरण क्रमश: विचार जो कामयाब हुए और ‘इनसे सीखें’ के रुप में प्रकाशित किया जा चुका है । वर्ष 2012 में एक और पुस्‍तक ‘सम पर्ल्‍स एंड सम जेम्‍स‘ प्रकाशित की गई है।

पुस्‍तकों की सूची

आइडिया दैट हैव वर्कड अंग्रेजी में

" आइडिया दैट हैव वर्कड " का हिन्‍दी रूपान्‍तरण विचार जो कामयाब  हुए - बीस प्रख्यात हस्तियों जिन्होंने अपने संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की है और योगदान दिया है, के संबंध में  इस विभाग द्वारा आयोजित एक व्याख्यान श्रृंखला पर आधारित लेख शामिल हैं। इस विभाग की ओर से मै. पेंगुइन बुक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

'लर्न फ्रोम देम – श्रेष्‍ठ प्रथाओं का संकलन – अंग्रेजी में

'लर्न फ्रोम देम - का हिन्‍दी रूपान्‍तरण इनसे सीखें - विभिन्न राज्यों द्वारा  अपनाए जा रहे 18 सर्वोत्तम प्रथाओं का वर्णन है जिनका उद्देश्य सार्वजनिक प्रदायगी प्रणाली और  सुशासन में सुधार करना है । इस विभाग की ओर से मै. पेंगुइन बुक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

स्‍पलेंडर इन द ग्रास

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार   द्वारा सोलह मामला अध्ययन का व्यापक संग्रह है जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि किस प्रकार  दूरगामी परिवर्तन के लिए  नवाचार विकसित किया गया और प्रासंगिकता, व्यापक नागरिक भागीदारी और सामाजिक साम्यता  पर आधारित  सक्रिय प्रशासनिक तरीकों का उपयोग कर कार्यान्वित किया गया। इस विभाग की ओर से मै. पेंगुइन बुक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

रूफलेस टावर्स

रूफलेस टावर्स देश भर के प्रेरित और ऊर्जावान अधिकारियों के पहल को दर्शाने का एक प्रयास है । इसमें सामाजिक उत्‍थान के लिए शिक्षा से लेकर सूचना प्रौद्योगिकी की प्रगति के विभिन्‍न क्षेत्र शामिल है नामत: त्रिचै सामुदायिक पुलिस, तमिलनाडु से थाणे और नागपुर शहर का स्‍वरूप परिवर्तन तथा राजर्षि शाहू सर्वांगीण शिक्षा कार्यक्रम, महाराष्‍ट्र से लेकर ओडिशा का बाल खोज प्रणाली है । आश्रय : बेसहारा की पहचान, पुनर्वास और मानीटरिंग परियोजना तथा भागीदारी पेयजल आपूर्ति परियोजना ने गरीबों और सीमांत तबकों को सामाजिक मुख्‍यधारा से जुड़ने की आशा जगाई । इस विभाग की ओर से मैं. यूनिकार्न बुक्‍स प्रा. लि द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

मैनेजमेंट बाई लिस्निंग

इस पुस्‍तक में अब तक उपेक्षित किंतु प्रबंधन के एक महत्‍वपूर्ण पहलू पर चर्चा की गई है- अपने उपभोक्‍ताओं को सुनना । इसमें एक गुण के रूप में इस पर प्रकाश डाला गया तथा एक आश्‍चर्यजनक प्रबंधन संसाधन के तौर पर इसका महत्‍व स्‍थापित किया गया है । वास्‍तविक प्रबंधन अनुभवों के आधार पर इसमें विशेष तौर पर इसके अनेक लाभों को सूचीबद्ध किया है कि किस प्रकार सुनना किसी संगठन के परिणाम,  उपभोक्‍ता संतुष्टि और कार्य निष्‍पादन में वृद्धि कर सकता है । इस विभाग की ओर से मैं. यूनिकार्न बुक्‍स प्रा. लि द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

बीवाईओबी –ब्रिगिंग योर आन बाइट

कतिपय असाधारण पहल जिन्‍होंने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के कल्‍पनाशील प्रयोग के माध्‍यम से शासन में परिवर्तन करके नयापन लाने में सहायता मिली है । इस विभाग की ओर से मै. पेंगुइन बुक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

इन सर्च ऑफ लाइट

इन सर्च ऑफ लाइट देश भर के प्रेरित और ऊर्जावान अधिकारियों के पहल को दर्शाने का एक प्रयास है । इसमें सामाजिक उत्‍थान के लिए शिक्षा से लेकर सूचना प्रौद्योगिकी की प्रगति के भिन्‍न–भिन्‍न क्षेत्र शामिल हैं नामत: बैंगलोर महानगर परिवहन निगम की वित्‍तीय वहनीयता, कर्नाटक; प्राथमिक शिक्षा के लिए कार्यकलाप आधारित शिक्षण पद्धति, तमिलनाडु; सुरक्षित मातृत्‍व और बाल उत्‍तर जीविता कार्यक्रम, गुजरात; स्‍कोर : बिहार में ई-पंजीकरण; उन्‍नत स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता  प्रथा :  जिला सरगुजा, छत्‍तीसगढ़, भारतीय नागरिकों को बाहर निकालना – बेरूत अनुभव; एमसीए 21 ई गवर्नेंस परियोजना; सीमा शुल्‍क निदेशालय में कार्मिक सूचना प्रणाली का कंप्‍यूटरीकरण (सीपीआईएस) और जोखिम प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्‍वयन । इस विभाग की ओर से मैं. यूनिकार्न बुक्‍स प्रा. लि द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में उपलब्ध है।

पीपुल फर्स्‍ट

इसमें भारत के नौ पहल का व्‍यापक संग्रह है जिन्‍हें वर्ष 2008-09 के लिए लोक प्रशासन में उत्‍कृष्‍टता हेतु प्रधानमंत्री पुरस्‍कार प्राप्‍त हुए हैं । प्रलेखन की प्रणाली का सावधानीपूर्वक पालन किया गया है तथा सीधे ही प्रवर्तकों से प्राप्‍त होने की प्रमाणिकता है । यह पुस्‍तक नवप्रवर्तनों के आयामों को समझने तथा बदलाव के प्रबंधन के लिए एक उत्‍कृष्‍ट स्रोत है । इस विभाग की ओर से मैं. यूनिकार्न बुक्‍स प्रा. लि द्वारा यह पुस्तक प्रकाशित किया गया है और प्रमुख पुस्तक भंडार में  उपलब्ध है।

सम पर्ल्‍स, सम जेम्‍स

लोगों की जरूरतों को संतुष्ट करने के लिए चुनौतियों का सामना करने की इच्छा अक्सर शासन में नवाचार करने के लिए प्रेरित करती है। सम पर्ल्‍स सम जेम्‍स - सिविल सेवकों के कुछ सफल नवाचारों को दर्शाता है जिससे आम आदमी के जीवन पर अमिट और सकारात्मक प्रभाव पड़ा है । चैंपियंस द्वारा किए गए पहल में यह वर्णन किया गया है कि कैसे इनकी कल्पना की गई, योजना बनाई गई और नागरिकों सहित सभी हितधारकों को शामिल करके लोक प्रशासन के जटिल क्षेत्र में कार्यान्वित की गई । प्रामाणिक अनुभवों के आधार पर, अत्यंत तर्कसंगत,ध्यानपूर्वक लिखी गई और विस्तारपूर्वक प्रलेखित , यह पुस्तक सार्वजनिक सेवा वितरण में नवाचार की राह चलने के लिए दूसरों के लिए प्रेरणा का एक स्रोत होगा।

थिकिंग आऊट ऑफ दी बाक्‍स

थिकिंग आऊट ऑफ दी बाक्‍स चौदह लेखों का संकलन है जो प्रशासन में उत्‍कृष्‍टता, सरकारी कार्यकरण के व्‍यापक ढांचें के भीतर नवीनता तथा बदलाव का प्रबंधन करने के लिए नेतृत्‍व का प्रदर्शन करने हेतु चैम्पियनों के धैर्य का साक्ष्‍य है । इन पहल के चैम्पियनों द्वारा लिखे गए प्रमाणिकता के साथ प्रत्‍येक लेख शासन पहलों की अवधारणा, डिजाइन बनाने तथा कार्यान्‍वयन की प्रक्रिया को उजागर करता है । स्‍वास्‍थ्‍य एवं पोषण का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने के लिए त्रिपुरा में समुदाय के एकत्रीकरण से सूरत, गुजरात में शहरी निर्धन के आवास में सुधार, बिहार में स्‍थायी समुदाय संस्‍थानों के माध्‍यम से ग्रामीण निर्धनों के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण से उत्‍तर प्रदेश में हाथ से मैला साफ करने वाले सफाई कर्मियों को मुक्‍त कराने; गुजरात में भागीदारी वैज्ञानिक वाटरशेड प्रबंधन से केरल में घर आधारित प्रशामक देखभाल के विभिन्‍न क्षेत्र है । इन सभी लेखों में जो एक सूत्र समान रूप से व्‍याप्‍त है वह इन चैम्पियनों का ड्यूटी से आगे बढ़कर लोक सेवा प्रदायगी के लिए कुछ कर गुजरने का उत्‍साह है तथा ऐसा कुछ हासिल करना जो कठिन प्रतीत होता है किंतु असंभव नहीं है। इन मामला अध्‍ययनों से यह विश्‍वास पुष्‍ट होता है कि यह अन्‍यों को उनके कार्यक्षेत्र में इन्‍हें अपनाने, पुनरावृति करने और आगे नवप्रतर्वन के लिए प्रेरित करेगी ।

परिवर्तन के दूत

इस पुस्तिका में सफलता की ऐसी गाथाएं दी गई है जिनका वर्णन भारत की प्राथमिकता वाली चार स्कीेमों नामतः प्रधानमंत्री जन धन योजना, स्वच्छ भारत (ग्रामीण), स्वच्छ विद्यालय और मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम के लाभार्थियों द्वारा गर्व एवं खुशी के साथ किया गया है । वे बताते हैं कि इन कार्यक्रमों से उनकी जीविका में कैसे सकारात्मक परिवर्तन आया। फिर उन्होंने नागरिक चैंपियन के रूप में अपने तरीके से अपने पड़ोसियों, परिचितों एवं दोस्तों के जीवन में बेहतरी के लिए परिवर्तन लाने में कैसे मदद की ।

उत्‍कृष्‍टता का पुन: सृजन

भारत सरकार हर साल सिविल सेवकों, दलों तथा संगठनों जिनका वे नेतृत्व करते हैं, के ऐसे कार्यों एवं उपलब्धियों को पहचान प्रदान कर रही है, जो सही मायने में उत्कृष्ट, असाधारण एवं अनुकरणीय होते हैं । प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर प्रशासनिक सुधार विभाग ने 23 राज्यों तथा 1 संघ राज्य क्षेत्र में 14 पुरस्कृत पहलों की पुनरावृत्ति के लिए कार्ययोजना तैयार की है । यह पुस्तक सात सर्वाधिक प्रासंगिक एवं समकालीन पुरस्कृत पहलों तथा उनका आवर्तन करने में चयनित राज्यों के प्रयासों को लोकप्रिय बनाने तथा संबंधित परियोजना चैंपियन को समुचित पहचान प्रदान करने की दिशा में एक विनम्र प्रयास है । ऐसी परिकल्पना है कि इससे पुनरावृत्ति के प्रयासों को व्यापक स्वीकृति मिलेगी तथा उनके प्रति आकर्षण बढ़ेगा, आने वाले दिनों में और राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र इनको अपनाने के लिए प्रेरित होंगे ।